बलोचिस्तान में लड़ाई क्यों हो रही है ? Reasons of Insurgency in Balochistan

 

1. 1947 से पहले: बलूचिस्तान कई छोटे प्रदेशों का एक समूह था, जिसमें ख़ानाते क़लात सबसे महत्वपूर्ण थी। इस क्षेत्र पर अंग्रेजों का नियंत्रण था।

2. 1947-1948: ख़ानाते क़लात ने शुरू में स्वतंत्रता की मांग की, और बलूचिस्तान ने पाकिस्तान बनने से पहले ही 11 अगस्त, 1947 को खुद को स्वतंत्र घोषित भी कर दिया। बाद में, मार्च 1948 में, पाकिस्तान ने बलूचिस्तान के नेताओं से बात चीत के बाद बलोचिस्तान को कंट्रोल में ले लिया, जिसके कारण प्रतिरोध शुरू हुआ।

3. विद्रोह: पिछले कुछ दशकों में, बलूच राष्ट्रवादी समूहों द्वारा स्वतंत्रता या अधिक स्वायत्तता की मांग के कारण कई विद्रोह हुए हैं (1948, 1958-59, 1973-77 और 2004 के बाद से)।

4. संघर्ष के कारण:

संसाधनों में बराबर हिस्सा ना मिलना: बलूचिस्तान प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, लेकिन स्थानीय लोगों को लगता है कि उन्हें उनसे कोई लाभ नहीं मिलता।

राजनीतिक हाशिए पर: कई बलूच लोगों को लगता है कि पाकिस्तान की सरकार में उनका प्रतिनिधित्व काफ़ी कम है।

मानवाधिकार उल्लंघन: जबरन गायब किए जाने, सैन्य अभियानों और असहमति के दमन के आरोप संघर्ष को बढ़ावा देते हैं।

5. वर्तमान स्थिति: बलूच विद्रोह जारी है, बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे समूह पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ लड़ रहे हैं। पाकिस्तान ने सैन्य बल के साथ जवाब दिया है, और संघर्ष अभी भी अनसुलझा है।

पाकिस्तान में बलोचिस्तान के लोगों को लेकर राय : पाकिस्तान में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो जानते हैं और कहते हैं कि बलूचिस्तान के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है और सेना या सरकार को केवल उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जो अलगाववादी हैं और आम लोगों को गुमराह करना बंद करना चाहिए और जो सामाजिक कार्यकर्ता और बलूच कार्यकर्ता हैं उन पर अत्याचार बंद करना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

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